जुस्तजूःअभिलाषा
🌾🌾🌾🌾🌾🌾 """"""""""""""""""""बाबूलालशर्मा *जुस्तजू :अभिलाषा* 💥💥 :::::::::::::: माँ मुझको दे विदा तिलक, अब,सीमाओं पर जाना है। आतंकी और शत्रु वतन के, फिर गद्दारी वंश मिटाना है। जन्म जुस्...