मुक्तक ...सावन
🌾🌾🌾🌾🌾 """""""""बाबूलालशर्मा .🌧💨🌧💨🌧 💦 *सावन* 💦 🌻🌻 कह गये आवन, साथिया साजन। कब से निहारूँ, आ गया सावन।💧 कलापि कलापे, मोर जिय काँपे। मैं रहुँ अन मनी, अँखियाँ न झाँपे।💧 ...