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Showing posts with the label टूटते ..बिखरते..परिवार..ःबाबू लाल शर्मा

टूटते परिवार...

टूटते ...बिखरते... बिसरते...प...रि...वा...र 🌳🌲🌴🌿🌱🌾 *परिवार*   ----------------✍ 👉 कहाँ अब साझे के घर बार, मर चुकेअब तो वे परिवार। बरगद की डाली की मंशा, मनी प्लांट की तलब गार। घर  की नई परि भाषा मे, आया ह...