आँसू
🌼🌼🌼🌼🌼🌼 """"""""""""""""""बाबूलालशर्मा . १६,१६, मात्रिक . 👁 *आँसू* 👁 💧 ये नेत्र मनुज के जन्मों से, सुखः दुःख दरश् पिपासू है। नयन सेज संचय से बहता, यह सीकर झरना ...