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आजा वरषा,हँसे जवासा

🌾🌿🌾🌿 """"""""""""""""""""बाबूलालशर्मा """"""""""""""""""" 8 मात्रिक छंद-मुक्तक *आजा वर्षा* *हँसे जवासा* 💦💦💦💦 भर चौमासा, मरू निराशा। सूखा सावन, मन है प्यासा। 💧 मेघ न सरसा, पादप  तरषा। सदा  रूठनी, अल्हड़ बरषा...