पर्यावरण

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विश्व पर्यावरण दिवस,05जून
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बाबू लाल शर्मा ©
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*पर्यावरण संरक्षण*
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मनुज इस,अखिल विश्व में,
पृथ्वी पर जीवन है कितने।
पृथ्वी जैसे पिण्ड आकृति,
ब्रह्मांड मे,ये बोलो कितने।।💥

आकाश गंगायें,सौर मंडल,
सब,कैसे,किसने बना दिए।
इतने तारे,चन्द्र, पिण्ड,ग्रह,
उपग्रह  कितने गिना दिए।।💥

पृथ्वी पर जल जीवन वायु,
और सभी उपादान सजे है।
सबसे सुन्दर मनुज बना है,
मनु ने कितने साज सृजे है।।💥

ईश,प्रकृति, मानव निर्मित,
जोे भी ये सब है आवरण।
चहुँ मुखी है अर्थ समाहित,
सब मिलकर ही पर्यावरण ।।💥

मनुज  विकास के निमित्त,
नित नूतन इतिहास रचायें।
इसी दौड़ में  भूल रहे मनु ,
पर्यावरण को  भी बचायें।।💥

पर्यावरण संतुलन बना रहे,
स्वच्छ,स्वस्थ वातावरण हो।
मनु बस मानवता अपनाले,
शुद्ध,सत्य ,  सदाचरण हो।।💥

मातप्रकृति ब्रह्माण्ड सुसृष्टा,
सबकुल संचालन करती है।
सूर्य,  चन्द्र, नक्षत्र,  सितारे,
ग्रह, उपग्रह, सब सरती है।।💥

जगमाता का रक्षण वंदन,
पर्यावरण संरक्षण  करलें।
ब्रह्माण्ड सतुलन बना रहे,
मनु,मन संकल्पित करलें।।💥

मात् प्रकृति, माता जननी,
सृष्टि का साम्राज्य चलाए।
आज नवसंकल्प करे हम,
माता समता बढ़ती जाए।।💥

जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण,
धरा प्रदूषण,ध्वनि प्रदूषण।
अमन प्रदूषण,नभ प्रदूषण,
मानव के मन,मनु प्रदूषण।💥

ओजोन पर्त भी भेद रहे,
मनु नितनूतन राकेटो से।
अंतरिक्ष में  भेज उपग्रह,
नभ वन में  आखेटों  से।।💥

'ग्रीनहाऊसइफेक्ट' चलते,
तापमान धरती का बढ़ता।
ध्रुवक्षेत्रों की बर्फ पिघलती,
सागरजल थल को चढ़ता।💥

कहीं बाढ़ है,सूख कहीं है,
कंक्रीट के वन अब भारी।
प्राकृत से यूँ खेल खेलना,
कैसी हल्की सोच हमारी।।💥

एटमबम व युद्ध परीक्षण,
नये नये हथियार,खाद है।
देश,होड़ से दौड़ मे दौड़े,
नित नित करे विवाद है।।💥

"बीती ताहि बिसारि मनुज",
नव जीवन की तैयारी कर।
पेड़ लगाएँ बचे  पर्यावरण,
संरक्षण की मनु तैयारी कर।💥

पर्यावरण  शुद्ध रहा  तो,
मनु जीवन  बच पाएगा।
वरना प्यारे, मनुज हमारे,
सब धरा धरा रह जाएगा।💥
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सादर🙏🏻,
*बाबू लाल शर्मा*
सिकंदरा,दौसा©
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