क्यों जाति की बात करें..।

*क्यों जाति की बात करें*✍
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जब जगत तरक्की करता हो,
जब देश उन्नति करता हो,
जब मानव सहज विकास करे,
हम क्यों जाति की बात करें।✍

जब जाति धर्म मे पैदा होना,
मनुज की वश की बात नहीं,
फिर जातिवर्ग की बाते करना,
सच्ची अच्छी बात नहीं।✍

माना जो पुरा व्यवस्था थी,
कुछ कर्म वर्ग दुरःवस्था थी,
अब नवयुग मे नया प्रभात करें,
हम क्यों जाति की बात करें।✍

परदुख पर दो आँसू टपके,
हरसुख पर मिल दो ताली दें
जाति मनुज की मनुज जाति है,
तब क्यों जाती की गाली दे।✍

जब बंधन ढीले पड़ते हो,
सबजन विकास पथ बढ़ते हो,
जब सूरज सहज प्रकाश करे,
सबजन मिल सतत प्रयास करें।✍
    
जब जनमन सरल सनेह करे,
सत साहित्यिक अभ्यास करे,
जब मानव सहज विकास करे,
हम क्यो जाती की बात करे।✍

सादर,🙏🏻
बाबू लाल शर्मा
व.अ.
निवासी --सिकन्दरा
       दौसा

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