याद राखजे...
*याद राख जे*......
मेरी पुरानी डायरी से.....
रचनाकार ..अग्यात
----------------------
याद राखजे बहिना म्हारी,
भाई री अतरी सी बात
घर आता नै आदर देकर,
ऊँचो आसण देय बिठाणो
बड़ा प्रेम सूँ बैठ जिमाणो,
मूँडो बहिना नहीं चढाणो
हँस कर करनी बात रुपाली,
कड़ी बात मुख सूँ नी कहणी
आता देख सामने जावै,
जाता हरष विदाई देणी
भेद भाव नी रखणो वाँके,
जो कोई भी आवै साथ
याद राखजे बहिना म्हारी
भाई री अतरी सी बात
हिल मिल रहणो कदे न करणी,
पाड़ौसी सूँ राड़ लड़ाई
भूल चूक नी करणी बहिना,
अपना मुँह सूँ आप बड़ाई
असी बसी नी करणी चर्चा,
पड़े दोय रै बीच खटाई
कोई निंदा आन करै तो
वीसूँ रखनी नहीं मिताई
जोड़ लेवणा वीरै आगै,
नम्र होयनै दोन्यी हाथ
याद राखजे......................
नहीं बैठणो दूजा रै घर,
काम होय जो घर मै करणो
टेक कदी ना करणी कोई
,बड़ा मिनख रो कहनो करणो
घर मै हो सो पहन लेवणो,
नहीं माँगणो ऊँचो गहणो
सादा जीवन है सुखदायी,,
सदा सादगी सूं ही रहणो
पाग बेचकर घी नी खाणो,
कही बड़ा नै या केणात
याद राखजे.....................
नहीं बैठणो दरवाजा मै,
नहीं चलता न हेलो देणो
मोटी छोटी हो कोई भी,
अपणो वीसूँ काँई लेणो
डोरा डांडा जंतर मंतर
या सगला सूँ दूरी रहणो
अंध विश्वासी बणकर बेरथ
पैसो एक कदी ना देणो
रोग होय तो बैद डाँकटर
जाणो है घर काँ कै साथ
याद राखजे.......................
पीड़ा देणी नी कोई नै
सबकी करणी सदा भलाई
कपड़ा बर्तन साफ राखणा,
घर मै रखनी सदा सफाई
ठौर ठिया सब चीजाँ रखनी
और राखणी ढँकी ढँकाई
रुचिकर भोजन बणै शुद्धि सूँ,
सुघड़ नार की है चतुराई
आलस करणो नहीं काम में,
श्रम करणो बहिना दिन रात
याद राखजे.......................
गुण बच्चाँ मै आछ्या भरणा,
लाड़ ताड़ना दोनी करणी
साफ राख स्कूल भेजणा,
सत पुरुषाँ की गाथा कहणी
बणै देश रा भला नागरिक
गरब करै जन सारा याँ पै
लायक कन्या पूत बणै यो,
भार लाड़ली सारो थाँ पै
मती भूलजे शिक्षा म्हारी,
माँड लेवणी हिवड़ै बात
याद राखजे......................
थारो म्हारो कदी ना करणी,
झूँठ कपट सूँ छेटी रैणो
खरचो करणो सदा रीत सर
कदी न करणो माथै देणो
धरम करम मैं ध्यान राखणो,
करणो नी अभिमान कदी
बार बार नी मिनख जमारो,
मिनख पणो है सुफल जदी
निरमुख कदी ना जावै घर सूँ,
दुर्बल,भूखो,दीन अनाथ
याद राखजे........................
साँच बोलणो हंसी न करणी,
ओछा गीत कदी नी गाणो
भोजन करणो सदा रीत सूँ,
सबनै पैली बैठ जिमाणो
भैण भुवा नै आदर देणो,
राजी हो सतकार भी देणो
भारतीय पोशाक पहननी,
घर को भेद कदी नी कैणो
या शिक्षा हितकारी घर मे
नित करसी सुख री बरसात
याद राखजे ............................
साभार🙏🏻
*बाबू लाल शर्मा*
सिकन्दरा,दौसा*याद राख जे*......
मेरी पुरानी डायरी से.....
रचनाकार ..अग्यात
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याद राखजे बहिना म्हारी,
भाई री अतरी सी बात
घर आता नै आदर देकर,
ऊँचो आसण देय बिठाणो
बड़ा प्रेम सूँ बैठ जिमाणो,
मूँडो बहिना नहीं चढाणो
हँस कर करनी बात रुपाली,
कड़ी बात मुख सूँ नी कहणी
आता देख सामने जावै,
जाता हरष विदाई देणी
भेद भाव नी रखणो वाँके,
जो कोई भी आवै साथ
याद राखजे बहिना म्हारी
भाई री अतरी सी बात
हिल मिल रहणो कदे न करणी,
पाड़ौसी सूँ राड़ लड़ाई
भूल चूक नी करणी बहिना,
अपना मुँह सूँ आप बड़ाई
असी बसी नी करणी चर्चा,
पड़े दोय रै बीच खटाई
कोई निंदा आन करै तो
वीसूँ रखनी नहीं मिताई
जोड़ लेवणा वीरै आगै,
नम्र होयनै दोन्यी हाथ
याद राखजे......................
नहीं बैठणो दूजा रै घर,
काम होय जो घर मै करणो
टेक कदी ना करणी कोई
,बड़ा मिनख रो कहनो करणो
घर मै हो सो पहन लेवणो,
नहीं माँगणो ऊँचो गहणो
सादा जीवन है सुखदायी,,
सदा सादगी सूं ही रहणो
पाग बेचकर घी नी खाणो,
कही बड़ा नै या केणात
याद राखजे.....................
नहीं बैठणो दरवाजा मै,
नहीं चलता न हेलो देणो
मोटी छोटी हो कोई भी,
अपणो वीसूँ काँई लेणो
डोरा डांडा जंतर मंतर
या सगला सूँ दूरी रहणो
अंध विश्वासी बणकर बेरथ
पैसो एक कदी ना देणो
रोग होय तो बैद डाँकटर
जाणो है घर काँ कै साथ
याद राखजे.......................
पीड़ा देणी नी कोई नै
सबकी करणी सदा भलाई
कपड़ा बर्तन साफ राखणा,
घर मै रखनी सदा सफाई
ठौर ठिया सब चीजाँ रखनी
और राखणी ढँकी ढँकाई
रुचिकर भोजन बणै शुद्धि सूँ,
सुघड़ नार की है चतुराई
आलस करणो नहीं काम में,
श्रम करणो बहिना दिन रात
याद राखजे.......................
गुण बच्चाँ मै आछ्या भरणा,
लाड़ ताड़ना दोनी करणी
साफ राख स्कूल भेजणा,
सत पुरुषाँ की गाथा कहणी
बणै देश रा भला नागरिक
गरब करै जन सारा याँ पै
लायक कन्या पूत बणै यो,
भार लाड़ली सारो थाँ पै
मती भूलजे शिक्षा म्हारी,
माँड लेवणी हिवड़ै बात
याद राखजे......................
थारो म्हारो कदी ना करणी,
झूँठ कपट सूँ छेटी रैणो
खरचो करणो सदा रीत सर
कदी न करणो माथै देणो
धरम करम मैं ध्यान राखणो,
करणो नी अभिमान कदी
बार बार नी मिनख जमारो,
मिनख पणो है सुफल जदी
निरमुख कदी ना जावै घर सूँ,
दुर्बल,भूखो,दीन अनाथ
याद राखजे........................
साँच बोलणो हंसी न करणी,
ओछा गीत कदी नी गाणो
भोजन करणो सदा रीत सूँ,
सबनै पैली बैठ जिमाणो
भैण भुवा नै आदर देणो,
राजी हो सतकार भी देणो
भारतीय पोशाक पहननी,
घर को भेद कदी नी कैणो
या शिक्षा हितकारी घर मे
नित करसी सुख री बरसात
याद राखजे ............................
साभार🙏🏻
*बाबू लाल शर्मा*
सिकन्दरा,दौसा
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