हिन्दी भाषा

*हिन्दी भाषा*
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भाषा की कुल परिभाषा ही हिन्दी है।
भारत की जननीभाषा ही  हिन्दी है।
आत्म अमरता की पहचान ही हिन्दी है ।
हिन्दुस्तान की अमर शान ही हिन्दी है ।

भारत की शिक्षा की ललकार ही हिन्दी है।

देव वाणी की बेटी यह भाषा ही हिन्दी है
जन,गण,मन,की अभिलाषा ही हिन्दी है
सब लफ्जो को सहेजे वह भाव ही हिन्दी है
व्यासऔर तुलसी का रचनासार ही हिन्दी है ।

भारत की शिक्षा की ललकार ही.......

कबीर,सूर,मीरा,रसखानकी याद ही हिन्दी है।
नानक,दादू ,रैदास की फरियाद ही हिन्दी है।
पंत,निराला,महादेवी कीआवाज ही हिन्दी है।
वर्तमानके लेखक,कवि के दिल का साज ही हिन्दी है।

भारत की शिक्षा की ललकार ही.........

संस्कार की बहती गंगा धार ही हिन्दी हैं।
राजस्थानी धीरजनों की हुंकार ही हिन्दी है।
अमर शहीदों का भारत साकार ही हिन्दी है।
महापुरुषों के दर्शन का  संसार ही हिन्दी है ।

भारत की शिक्षा की ललकार ही......

कलमकार का मान,शानअरमान ही हिन्दी है।
राजनीति मे पंचशील का ग्यान ही हिन्दी है।
भारत की समरसता की पहचान ही हिन्दी है
भारतमाँ केअचलसुहाग की शान ही हिन्दी है।

भारत की शिक्षा की ललकार ही............

हिमगिरि से निकली हर जलधार ही हिन्दी है।
संगत की सरगम का हर तार ही हिन्दी है।
अमरसपूतो के सीने का यह हार ही हिन्दी है।
अमर तिरंगे की मानो पहचान ही हिन्दी है ।

भारत की शिक्षा की ललकार ही...........

वेद,पुराणों का रस सार ही हिन्दी है ।
सीमा पर निजसैनिक का हरवार ही हिन्दी है।
वीणा के सब तारों की झन्कार ही हिन्दी है।
अपने तरकश का हर बाण ही हिन्दी है ।

भारत की शिक्षा की ललकार.........

राम,कृष्ण की पुण्यधरा की सोच ही हिन्दी है।
बुद्धऔर महावीर की वो करुणा ही हिन्दी है।
गाँधीजीका सत्यअहिंसा,सत्याग्रह हिन्दी है।
वर्तमान के नव भारत का गान ही हिन्दी है।

भारत की शिक्षा की ललकार ही हिन्दी है।

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सादर,
बाबू लाल शर्मा    ©
सिकन्दरा,दौसा

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