सच्चे मीत

🌳🌳🌳🌳🌳
""""""""''""""""""बाबूलालशर्मा
🌴 *सच्चे मीत* 🌴

आओ सच्चेे मीत बनाएँ,
एक एक हम वृक्ष लगाएँ।
बचपन में ये रौनक देते ,
नेह स्नेह के भाव भी देते।🌳

पालन पोषण गौरव देते,
मधुर भाव हरियाली देते।
आज एक पौधा ले आएँ,
आओ सच्चे मीत बनाएँ।🌳

यौवन मीत ये छाँया देते,
मीठे खट्टे फल भी  देते।
चिड़िया,मैना पिक आए,
मीठे मीठे संगीत सुनाएं।🌳

सुन्दर नीड़,बसेरे सजेंगे,
पंछी कलरव तान बजेंगे।
प्राणवायु हमे मिल जाए,
आओ सच्चे मीत बनाएँ।🌳

वृद्ध अवस्था कठिन दौर है,
सोचो फिर तुम कहाँ ठौर है।
मीत बिना फिर कैसे रहोगे,
किससे मन की बात करोगे?🌳

किससे मन के भाव सुनोगे?
दुख सुख पीड़ा किसे कहोगे।
किसकी बाहों में मरना है?
किसके संग तुम्हे जलना है?🌳

सोच,एक पौधा ले आएँ,
आओ सच्चे मीत बनाएँ।🌳
🌹🌹
सादर✍©
बाबू लाल शर्मा, बौहरा
सिकंदरा,दौसा(राज.)
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