रास छंद--पर्यावरण
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~~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
. 🌼 *रास छंद* 🌼
( शिल्प:- ८+८+६=२२ चरणांत--१ १ २ )
. 🌳 *पर्यावरण विषयक* 🌳
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पेड़ लगाले, पुण्य कमाले, धीर पथी,
धरती अंबर, शुद्ध रहेगा, रश्मि रथी।
सागर-नदियाँ,ताल-तलैया,उज्ज्वल हो,
मानुष प्राणी, प्राकृत वायू, निर्मल हो।।
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स्वच्छ हवा हो,पावन जल हो,अमल सभी,
पेड़ लगायें, तरु रखवारे, सँभल अभी।
धरा सुरक्षा, सब की रक्षा , मदद करो,
पर्यावरणन, हो संरक्षण, सनद करो।।
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ओजोन परत,विकिरण नाशी,कवच बड़ा,
उत्तर प्रहरी, हिमगिरि,ऊँचा, अटल खड़ा।
गंगा , यमुना , नर्मद सलिला, सरित बहे,
हो संरक्षण, वचन विनय के, सहित कहे।।
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अपनी धरती, सागर अंबर, तरु नदियाँ,
अपनी खेती, फसलें होंगी, शत सदियाँ।
सब का तन मन ,हो संजीवन, रोग हरें,
जल, वायु ,धरा, नहीं प्रदूषण, लोग करें।।
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✍🙏©
बाबू लाल शर्मा "बौहरा"
सिकन्दरा,दौसा,राजस्थान
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