माँ

👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
.     *मत्तगयंद सवैया*
.              *माँ*
.   .....👀🌹👀.......
माँ जननी सहती धरती सम,
संतति  के अरमान  सजाती।

पेट रखे महिने वह  नौ तक,
प्राण सहेज,सुआस लगाती।

शीत सहे विपदा घन आतप,
काज सभी घर संग चलाती।

संतति हेतु तजे सुख मारग,
देख सपूत  भरे पय  छाती।
.  .....👀🌹👀.......
पूत गये जब देश भले हित,
मात  गुमान  समेत बताती।

भारत मात , सुहाग  रहे यह,
बात जुबान अवश्य जताती।

धीर धरा सम मात सनातन,
शान हमेश, स्वदेश  बढ़ाती।

मात कुमात, बने न संभव,
पूत कपूत जलावत छाती।
.    .....👀🌹👀.......
सादर🙏
बाबू लाल शर्मा "बौहरा"
सिकंदरा, 303326
दौसा,राजस्थान,9782924479
👀👀👀👀👀👀👀

Comments

Popular posts from this blog

दोहा छंद विधान

गगनांगना छंद विधान

सुख,सुखी सवैया