तांडवी

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~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
        *अपराजिता छंद*
विधान-
नगण नगण रगण सगण लघु गुरु
१११ १११ २१२ ११२ १२
१४वर्ण ४ चरण
दो दो चरण समतुकांत।
.            *तांडवी*
डम डम डमरू  बजे शिवरात में।
बम बम सबही कहे अब साथ में।

जय शिव जय पार्वती कह आरती।
जन गण मन शिंभु  शंकर  भारती।

सर हद पर वीर धीर सँभालते।
हर हर  बम  भारतीय उचारते।

सजग सकल देश शिंभु कृपा रखे।
मनुज  मन  रहे  सनेह  दया  सखे।

नियति  नियम मान  ईश्वर भावना।
अजर अमर  मातृ भूमि सुकामना।

मनुज  दनुजता  करे  मनु घातकी।
अवसर अब  पाप  मोचन पातकी।

अब शिव कर तांडवी नृत आज से।
दनुज  दल  हटे  भगे  हिमताज से।
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✍"©
बाबू लाल शर्मा "बौहरा"
सिकंदरा,303326
दौसा,राजस्थान,9782924479
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