गाय
🐄🐄🐄🐄🐄🐄🐄
~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
. *विजात छंद*
. १४ मात्रा
मापनी -१२२२ १२२२
. 🐄 *गाय* 🐄
सभी से है निवेदन ये,
हमारी मान लो भैया।
मिलेगा दूध घी नीका,
घरों में पाल लो गैया।
गुजारा गाय के संगत,
हमारा भी सही रहना।
गऊ तो मातु होती हैं,
करें सम्मान है कहना।
दशा देखो जरा गाएँ,
सरे राहों विचरती है।
लगे ऐसे कि ये गायें,
हमारी राह तकती हैं।
बचालो गाय माता को,
पुरानी रीति निभ जाए।
नई पीढ़ी हमारी को,
सही घी दूध मिल पाए।
भला होगा हमारा भी,
बचेगी गाय की थाती।
रहेंगे गीत संस्कृति के,
पुरानी रीत यह पाती।
. 👀👀
✍©
बाबू लाल शर्मा "बौहरा"
सिकंदरा, 303326
दौसा,राजस्थान,9782924479
👀👀👀👀👀👀👀
Comments
Post a Comment